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Showing posts from June, 2020

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DTSi Engine technology क्या है?

DTSi का मतलब  Digital twin spark ignition होता है यानी कि इसमें 2 spark plug लगे होते हैं।       जब हमारा इंजन 1 spark plug से fuel को burn करा सकता है तो हमे 2 spark plug ki क्यो जरूरत पड़ी?  जैसा कि हम जानते हैं कि हमारे इंजन में air fuel का mixture जितना अच्छा होता है उतना ही ज्यादा इंजन को Power मिलता है क्योंकि compression stroke होने के बाद power स्ट्रोक में fuel burn होता है।      बजाज company ने power stroke पर काम किया और इस DTSi technology को बनाया। इस technology में 2 spark plug होते हैं जो कि Burning efficiency को बहुत ज्यादा बढ़ा देते हैं जिससे कि हम बहुत ही कम fuel  में ज्यादा performance पा सकते है। DTSi Engine technology के कुछ important parts :- ECU( Electronic control unit) 2 spark plug   ECU( Electronic control unit) को DTSi इंजन का heart माना जाता है। इसमें एक micro processing Chip होता है जिसमे इंजन के load के rpm के हिसाब से ignition का timing pre-programmed होता है। DTSi में cylinder के head में   2 spark plug  90° के angle पर लगे होते हैं। 2 spark

Bike का इंजन Overheat क्यों होता है?

Bike का इंजन overheat दो situation में हो सकता है 1. जब हम बाइक को लेकर Long drive पर जाएं। 2. जब हम बहुत देर तक किसी traffic जाम में फंस जाएं।    जिस इंजन में Air cooling system होता है उसमें overheating का  problem ज्यादा होता है जबकि जिसमे water cooling system होता है उसमें Overheating का problem बहत कम होता है। इसमें इसलिए कम होता है क्योंकि इसमें Radiator लगा होता है जो बहुत तेजी से cooling करता है।   Overheating के बहुत सारे कारण होते हैं। 1. जब हमें सुबह में कही जाना होता है तो हम bike को स्टार्ट करते है और लेकर चले जाते है। जबकि ऐसा नही करना चाहिए सुबह हमे bike को चला कर छोड़ देना चाहिए ताकि हमारा इंजन तरो ताजा(warm up) हो जाये । इससे इंजन में overheating होने के chance बहुत कम हो जाते है। 2. हमारे इंजन में लगे हुए Carburetor की setting सही होनी चाहिए जिससे कि Air fuel का mixture सही तरीके से हो और fuel अच्छे से Burn हो जाये। अगर carburetor की setting सही नही होगी तो overheating की problem हो सकती है। 3. हमे Engine oil को हमेशा चेक करते रहना चाहिए कि वह अपने सही लेयर

Bike का इंजन Oil कितने Km पर चेंज करें?

Bike के इंजन oil को चेंज करना 3 कारणों पर depend करता है 1. इंजन oil को चेंज करने के बाद हमने बाइक की कितना km चलाया है। 2. हम बाइक को कितना उपयोग करते है उसे हम एक दिन में कितना चलते हैं। 3. हमे इंजन oil को चेंज किये हुए कितना वक्त बीत गया है। इन तीनो कारणों में सबसे प्रमुख कारण है कि हम अपनी बाइक को इंजन oil के चेंज होने के बाद कितना km चलते हैं। जब हम कोई भी बाइक लेते है तो उसके साथ एक user manual मिलता है जिसमे की यह बताया रहता है कि हमे कितने km चलने पर engine oil को चेंज कर लेना चाहिए । किसी में 6,000km दिया होता है तो किसी मे 10,000km लेकिन यह इस बात पर depend करता है कि हम कौन सा इंजन oil उपयोग कर रहे हैं।       इंजन oil तीन प्रकार के होते है। 1. Normal engine oil 2. Synthetic engine oil  3. Semi synthetic engine oil                   जो normal oil होता है वह कम viscous होता है Synthetic engine oil उससे थोड़ा ज्यादा viscous होता है और Semi synthetic engine oil सबसे ज्यादा viscous होता है। इसलिय हमारे इंजन oil पर निर्भर है कि हम कितने दिन या कितने km पर इंजन आयल को च

Bike में डीजल इंजन का उपयोग क्यों नही होता है?

हम सब जानते हैं कि हमारी Bikes में हमेशा Petrol इंजन का उपयोग किया जाता है डीजल इंजन का नही । इसके बहुत सारे कारण होते हैं।  हम आपको 10 कारणों से बताते हैं कि डीजल इंजन का उपयोग क्यों नही होता? 1. डीजल इंजन का Compression ratio 24:1 होता है मतलब की 24 part air का और 1 part petrol का होता है। जबकि petrol इंजन का compression ratio 11:1 होता है यानी कि 11 part air में 1 part petrol होता है। इसलिए डीजल इंजन इतने ज्यादा compression ratio की वजह से बहुत बड़ा होता है और बहुत Heavy भी होता है जो Bike के लिए बिल्कुल भी suitable नही है। 2. ज्यादा Compression ratio होने की वजह से डीजल इंजन बहत ज्यादा vibration और noise produce करता है जबकि पेट्रोल इंजन बहत कम vibration और noise produce करता है । इसलिए light Weight vehicle इतना नही सह सकता । 3.High compression ratio और Heavy engine की वजह से इसका Price बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसका initial cost 50k तक होता है जो छोटे Vehicle के लिए Suitable नही है। 4.डीजल इंजन पेट्रोल इंजन के मुकाबले 13% ज्यादा CO2 produce करता है जिससे कि प्रदूषण बहुत ज्यादा

2 Second में किसी भी बोल्ट के लिए सही Spanner aur wrench का पता कैसे करे?

बहुत ही कम समय मे spanner और Wrench किसी बोल्ट के लिए पता करने के हमारे पास 2 तरीके होते हैं। 1. किसी भी Bolt के Size में 1.5 से गुना कर देते है तो हमे उसके सही Spanner के Size का पता लग जाता है। जैसे:-मान लीजिए कि हमारे पास एक 10mm का Bolt है और हमे इसके लिए सही Spanner का पता करना हो तो हम इसके साइज में 1.5 से गुना कर देंगे 10×1.5=15 mm तो हमे इस बोल्ट के लिए 15mm के spanner की जरूरत होगी । ऐसे ही अगर हमारे पास 15 mm का बोल्ट के लिए सही spanner पता करना हो तो हम इसमे भी 1.5 से गुना करेंगे 15×1.5=22.5 mm (23mm) के spannerका उपयोग करेंगे। 2. दूसरा तरीका ज्यादा तर हम workplace पर उपयोग करते है क्योंकि उस वक़्त हमे बहुत जल्दी Spanner का पता करना होता है। इसके लिए हम किसी भी बोल्ट के साइज को उसका आधा करके उसके साइज़ के साथ जोड़ देते हैं। जैसे :- 20mm के बोल्ट के लिए पता करना हो तो हम 20 ÷2=10+20=30mm तो हमे 20mm के बोल्ट के लिए 30 mm के Spanner की जरूरत होगी ।

Two wheelers में चोक लगाने Engine कैसे Start हो जाता है?

पहले हम यह जानते हैं कि चोक(chock) किसे कहते है?  कोई भी इंजन चाहे वो 4 stroke हो या 2 stroke चोक उसके carburetor में लगा हुआ एक valve होता है । इसका shape एक Butterfly की तरह होता है। जब हम चोक को Pull करते हैं तो जो भी Air हमारे Carburetor में जा रहा होता है वो उसे रोक देता है और हवा को आने नही देता। चोक को Pull करने से हमारा इंजन start कैसे हो जाता है? जब हम Bike को बार बार start करने की कोशिश करते हैं और Bike  स्टार्ट नही होता तब हम chock को pull करते है और फिर स्टार्ट करते है तो स्टार्ट हो जाता है। तो चलिए हम जानते है कि ऐसा कैसे होता है?..      जब हम chock को Pull करते है तो वह Carburetor में जाने वाले Air को पूरी तरह से Block कर देता है, जिसकी वजह से उसके Vantury में Partial vacuum create हो जाता है। इसकी वजह से होता यह है कि Extra fuel carburetor के इंजन में आने लगता है ज्यादा fuel आने की वजह से इंजन में pure automised fuel की मात्रा बढ़ जाती है। fuel की मात्रा बढने की वजह से Spark plug बहुत जल्दी Burn होता है जिसकी वजह से इंजन Start हो जाता है।                अब आपके

Bike में 1st Gear नीचे और 3,4,5 Gear ऊपर की तरफ क्यों होते है?

जैसा कि हम सब जानते हैं कि सभी Bikes में Gears होते है किसी Bike में 4 Gears होते है तो किसी मे 5 तो उसमें आप सब ने देखा होगा कि Bike का 1st गियर हमेशा नीचे की तरफ ही होता है और बाकी सब Gears ऊपर तरफ होता है और जो Neutral gear होता है वो 2nd पर होता है।    तो हम जानते हैं कि इनकी Arrangement ऐसी क्यों होती है?   1st Gear का main function यह होता है कि वह Bike को Starting position से Running position में ले आये ।       1st Gear का नीचे होने का सबसे महत्वपूर्ण कारण है Sefty purpose. मान लीजिए हम अपनी गाड़ी को Full speed में चला रहे हों और अचानक से कोई आपके सामने आ जाये या कोई vehicle आपके सामने आ जाये तो उस समय आप अपने Bike को slow down करोगे और gear को जल्दी जल्दी नीचे की तरफ press करके आप Bike को slow करोगे । अगर ये 1st gear नीचे नही होता और वहाँ सबसे नीचे neutral gear दिया होता तो आप सीधे neutral gear पर पहुच जाते और Bike slow ही नही हो पाता और accident हो जाता यही कारण की वजह से 1st gear को नीचे देना बहुत जरूरी है।    और बाकी सब gears के उपर होने से हम बहुत ही आसानी से ज्यादा s

Engine सीज क्यो होता है? इससे बचने के लिए क्या करें?

क्या आप जानते हैं कि हमारे Bike और बाकी सब गाड़ियों के इंजन सीज क्यो होते हैं? चलिए हम आपको बताते है... पहले हम ये जानते है कि इंजन का साइज होना क्या होता है ...?  Engine के various components syncronise moment यानी कि ये सारे components एक दूसरे के साथ ताल मेल बना कर रहते हैं, और अगर इसमे से एक भी part खराब हो जाता है तो वह आगे चलकर हमारी पूरी इंजन को खराब कर देता है। ऐसी की वजह से ये सब components पूरी तरह से freeze हो जाते हैं। यह इस तरह से लॉक हो जाते है कि crankshaft , Bearing को थोड़ा भी turn नही कर पाता है और इसे ही इंजन का सीज होना कहते हैं। अब हम जानते हैं कि Engine के सीज होने के कारण क्या क्या हैं? 1. Engine oil ( मोबिल) की कमी होना । जब हमारे Engine में मोबिल की कमी होती है तो इसकी बजह से हमारे इंजन में लगे Piston , Crankshaft, Connecting rod बहुत ज्यादा overheat हो जाते है और वह melt हो जाता है और इसकी वजह से इसका wear and tear काफी बढ़ जाता है और ये एक दूसरे साथ लॉक हो जाते हैं और इंजन काम करना बंद कर देता है। 2. इसका दूसरा कारण यह है कि अगर हमारा Bearing खराब हो

क्या आप जानते है, बाइक ज्यादा चलने के बाद टिक टिक क्यों करती है?🤔🤔

चलिए आज हम जानते हैं कि जब हम अपनी बाइक को ज्यादा दे तो हमारी बाइक से टिक टिक करके आवाज आने लगती है जब हम बाइक को बंद करते हैं।         जैसा कि आप सब को पता है जब हम बाइक को ज्यादा देर चलाते है तो हमारी बाइक का इंजन और साइलेंसर काफी गर्म हो चुका होता है... हमे ये लगता है कि ये जो टिक टिक की आवाज आ रही है वो हमारे इंजन से आती है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है । ये आवाज हमारे इंजन से नही बल्कि ये हमारे साइलेंसर से आती है। अब आपके दिमाग मे सवाल उठ रहा होगा कि साइलेंसर से कैसे आ सकती है ? चलिए हम आपको बताते है जब हम बाइक को बंद करते है तब हमारा साइलेंसर काफी गर्म हो चुका होता है और वो फैल चुका होता है जब हम बंद करते हैं बाइक को तो वह धीरे धीरे ठंडा होने लगता है जब वह ठंडा होता है तो वह फिर से अपने पुराने रूप में आने लगता है और सिकुड़ने की बजह से आपस मे टकराने लगता है तो वही आवाज आती है टिक टिक की। मुझे भरोसा है कि आपको ये समझ मे आ गया होगा ।

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